मुझे स्वीकार करोगी ?

मेरे दिल के पत्थर को, घिस कर यदि मैं रतन कर लूं तुझे पाने हेतु प्राणप्रिये! समस्त यदि मैं जतन कर लूं तो क्या इस दीवाने पर एक उपकार करोगी ? मुझे स्वीकार करोगी ? बिन तुम्हारे जीवन मेरा जैसे उजड़ा हुआ उद्यान हो कोई बिन तुम्हारे यहं जीवन है जैसे खंडहर हुआ मकान हो […]

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तुम, समझ मुझे नहीं पाते हो..

समझने के लिए किसी को, कोशिश करनी पड़ती है ध्यान केंद्रित करके उसमें, दृष्टि धरनी पड़ती है पर न तुम में इच्छा है, न है समझने की शक्ति न प्यास है समझने की, न चाहते समझने की तृप्ति जब जब मैं कोशिश हूं करता, तुम समझने से कतराते हो और हर बार कह देते हो […]

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Happy Eid

मैं हिन्दू, तुम हो मुसलमान, आओ आज झगड़ते हैं बाहों में भर कर एक दूजे को, जोर से जकड़ते हैं मैं खिलाऊंगा खीर तुम्हें, तुम भी खिलाना मिठाई आओ एक दूजे के चेहरे पे थोड़ी मुस्कान रगड़ते हैं Hum insaan hain, ladne ke liye nahi aaye is duniya mein Aur pyar ki ladai bhi to […]

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सफल

Dil ke direct connection se kuch mails tumhe he bhej diye, jo padh kar muskura do, to main inhe safal maan lu Mere dil tak pahuchne ke liye ek pyar ki seedhi laga di he, jo is par chadh kar muskura do, to main inhe safal maan lu Pyar mein to khoob lagti hi ho, […]

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ले आऊँ बाज़ार से..

जिसके पूरा पिघलने से पहले पिघल जाये दिल मेरे सनम का, ऎसी कोई शमा हो तो मैं भी ले आऊँ बाज़ार से जिसे खिलाते ही कुछ लम्हों में जो इश्क़ मुक़म्मल हो मेरा, ऎसी कोई दवा हो तो मैं भी ले आऊँ बाज़ार से फ़क़ीरबाबा का धुंआ कोई जो बुलंद कर दे इश्क़ मेरा, ऎसा […]

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